कृमिनाशक दवा से छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, डॉक्टर को बंधक बनाया

भिंड। कृमिनाशक दवा अल्बेंडाजोल खिलाने से मिहोना के पचौखरा गांव में 6 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। ग्रामीणों ने रौन बीएमओ को बच्चियों की तबीयत बिगड़ने की सूचना दी तो बीएमओ डॉ. विजय कुमार ने इलाज के लिए डॉ. विकास द्विवेदी को भेजा।

डॉ. द्विवेदी इलाज के लिए पहुंचे तो उन्हें ग्रामीणों ने बंधक बना लिया और कहा कि बच्चियों की तबीयत में सुधार होने तक गांव में ही रहना होगा। डॉ. द्विवेदी ने बीएमओ को सूचना दी। बाद में बच्चियों की तबीयत में सुधार हुआ तब डॉक्टर गांव से बाहर निकल पाए।

यह है पूरा मामला

मिहोना के मछंड अस्पताल में पदस्थ डॉ. विकास द्विवेदी ने बताया कि शुक्रवार को स्कूलों में 5 साल से 19 साल तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा अल्बेंडाजोल खिलाई गई थी। दोपहर में रौन बीएमओ डॉ. विजय कुमार को सूचना दी। बीएमओ ने डॉ. विकास द्विवेदी को पचौखरा गांव जाकर छात्राओं का इलाज करने के लिए कहा। डॉ. द्विवेदी पचौखरा गांव पहुंचे तो 6 बच्चियों की तबीयत बिगड़ी हुई थी।

डॉक्टर ने इलाज किया तो 5 बच्चियों की तबीयत में सुधार हो गया, लेकिन एक बच्ची की तबीयत में सुधार नहीं आ रहा था। इससे वहां एकत्रित ग्रामीणों ने डॉ. द्विवेदी को घेर लिया और कहा कि बच्ची की तबीयत में सुधार नहीं होने तक यहीं रहोगे।

डॉक्टर ने बीएमओ और आला अफसरों को फोन पर सूचना दी और कहा कि इस गांव से निकलवाओ। डॉ. द्विवेदी का कहना है उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक ग्रामीणों ने बंधक बनाए रखा। बाद में जब बच्ची की तबीयत में सुधार हुआ तब ग्रामीणों ने डॉक्टर को गांव से निकलने दिया। डॉ द्विवेदी का कहना है ग्रामीणों के साथ एक युवक शराब के नशे में था, जो उनसे अभद्रता कर रहा था।

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