जनवरी में डाइटिंग का आइडिया भूल जाइए, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के एक शोध में दावा

अगर आप जनवरी में डाइटिंग के आइडिया पर काम कर रहे हैं तो यकीन मानिए कोई फायदा नहीं होगा। जनवरी में तो डाइटिंग भूल ही जाएं। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के एक शोध में दावा किया गया है कि नए साल में डाइटिंग मार्केटिंग फंडा है। इसलिए, इसका विफल होना लगभग तय होता है। तंत्रिका विज्ञानियों ने कहा, इंसानी दिमाग किसी भी बदलाव को आसानी से स्वीकार नहीं करता है।

जनवरी में डाइटिंग का आइडिया भूल जाइए, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के एक शोध में दावा

डाइटिंग नए साल के संकल्पों में सबसे आम एक है। लेकिन एक प्रमुख तंत्रिकाविज्ञानी ने जनवरी में डाइटिंग की पूरी अवधारणा को ही खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह मार्केटिंग नीति है। सैन डिएगो स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के विद्वान डॉ. जेसन मैककेन का दावा है कि जनवरी में लिए गए डाइटिंग के संकल्प को पूरा करने के लिए चाहे जो भी तरीके अपना लें, लेकिन इसका विफल होना तय है।

डॉ. मैककेन ने डेलीमेल ऑनलाइन को बताया, ‘यह आपको इतना दुखी और भूखा बना देगा कि आप हार मान लेंगे और जल्दी से ज्यादा खाना खाने की ओर बढ़ेंगे। लिहाजा पहले के मुकाबले और वजन बढ़ा लेंगे। मतलब इस संकल्प के फायदे कम और नुकसान ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी में डाइटिंग का संकल्प हम खुद नहीं लेते हैं। यह बाजार के दबाव में हम ऐसा करने को मजबूर हो जाते हैं। इंसानी दिमाग तो वैसे भी बदलावों का विरोध करता है। अब अचानक से हम यह संकल्प ले लेते हैं और नतीजतन नाकामयाबी मिलती है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि इसका एक रास्ता है। जब दिमाग में भूख और पाचन की क्रिया पर नियंत्रण किया जाए तो आसानी से इस संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि इसका एक रास्ता है। जब दिमाग में भूख और पाचन की क्रिया पर नियंत्रण किया जाए तो आसानी से इस संकल्प को पूरा किया जा सकता है। ’21 दिन तक लगातार किसी भी काम को करने से वो आदत बन जाती है।

06 महीने तक लगातार किसी भी काम को करने से वो आपके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाती है। दो हजार लोगों कराए गए एक सर्वे से पता चलता है कि जनवरी में डाइटिंग का संकल्प लेने की बीमारी पूरे बेलफास्ट में फैली है।

2019 के पहले महीने में डाइटिंग की योजना बनाई है ब्रिटेन की एक चौथाई आबादी ने, न्यूरोवेलेंस के सर्वेक्षण में दावा। 80 फीसदी लोगों के नए साल का संकल्प 12 जनवरी को ही दम तोड़ देता है।

8 फीसदी लोग ही नए साल का संकल्प पूरा कर पाते हैं, एथलीट सोशल नेटवर्क स्ट्रावा के एक सर्वे के अनुसार । 55 फीसदी  लोग नए साल पर स्वास्थ्य को बेहतर करने संबंधी संकल्प लेते हैं

source: livehindustan

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