थूक, लार, कपड़े से फैलती है ये बीमारी, WHO ने बताया दूसरी सबसे बड़ी महामारी

जोहान्सबर्ग : विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कांगो में फैली इबोला बीमारी अब तक के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी महामारी है. कुछ साल पहले फैली ये महामारी पश्चिमी अफ्रीका में हजारों लोगों की जान ले चुकी है.

थूक, लार, कपड़े से फैलती है ये बीमारी, WHO ने बताया दूसरी सबसे बड़ी महामारी

426 पहुंची मामलों की संख्या
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपातकालीन मामलों के प्रमुख डॉ. पीटर सलामा ने गुरुवार को इसे मुश्किल की घड़ी बताया. कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इबोला के मामलों की संख्या 426 पहुंच गई है. इनमें 379 मामलों की पुष्टि कर दी गई है जबकि 47 लोगों के इसकी चपेट में आने का संदेह है.

रोकथाम के लिए संयुक्त राष्ट्र मिशन कर रहा काम 
विद्रोही समूहों के हमले और स्थानीय लोगों के विरोध के चलते स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को इबोला से निपटने के लिए अब तक की गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इबोला की रोकथाम के लिए कई कोशिशों को संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के साथ अंजाम दिया जा रहा है, लेकिन रोजाना होती गोलीबारी से इन प्रयासों में बाधा उत्पन्न हो रही है.

क्या है इबोला के लक्ष्ण
इबोला एक संक्रामक और घातक बीमारी है जो विषाणु के जरिए फैलती है. तेज बुखार और गंभीर आंतरिक रक्तस्राव इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं. यह इबोला से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है. संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, थूक, लार आदि से यह बीमारी तेजी से फैलती है.

क्या करें, क्या ना करें…
इबालो के लक्ष्ण जैसे कि सिरदर्द, बुखार, दर्द, डायरिया, आंखों में जलन और/अथवा उल्‍टी की शिकायत हो तो तुरंत डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि इबालो का सही समय पर पता चलने पर और मरीज को उपचार मिलने पर इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है. अगर आपके परिवार में किसी शख्स को यह बीमारी हो जाती है तो उससे थोड़ी सी दूरी बनाकर ही रखिए. जहां तक संभव हो मुंह पर मास्क, हाथों में दस्ताने पहनने के बाद ही मरीज के पास जाएं.

source: zeenews

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