दबी थी खून की नस, युवती एक साल से नहीं खा रही थी खाना

इंदौर,  पेट दर्द से 27 वर्षीय युवती सालों से परेशान थी। सालभर से उसने भरपेट खाना नहीं खाया था। कुछ भी खाते ही उल्टियां होने लगती थी। 12 महीने में उसका वजन 20 किलो घट गया। सोनोग्राफी और एक्स-रे में सब कुछ सामान्य मिलने के बाद हैरानी और बढ़ गई। आखिर परिजन युवती को लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचे।

सीटी स्कैन में खुलासा हुआ कि उसके पेट में खून ही नहीं पहुंच रहा है। शरीर की एक मांसपेशी पेट में खून पहुंचाने वाली नस को दबा रही थी। डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे सर्जरी कर इस मांसपेशी को हटाया। डॉक्टरों के मुताबिक, यह विरलतम मामला है। अब तक विश्व में ऐसे 100 ही मामले सामने आए हैं।

मामला खंडवा के पुनासा की रहने वाली युवती का है। वह करीब तीन साल से तेज पेट दर्द और लगातार वजन कम होने की शिकायत से पीड़ित थी। एमवायएच में हुई जांच में पता चला कि युवती के पेट की खून की नलियों में 70 प्रतिशत तक ब्लाकेज है। यह ब्लाकेज एक अन्य मांसपेशी की वजह से था। यह मांसपेशी खून पहुंचाने वाली नसों को दबा रही थी। मेडिकल भाषा में इसे क्रश ऑफ डायफ्राम कहते हैं।

जो नसें दब रही थीं वे ही लिवर, खाने की थैली, छोटी आंत को खून सप्लाय करती हैं। एमवाय के सर्जन डॉ.अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मेडिकल भाषा में इस बीमारी को मीडीयन आरकूयेट लिगामेंट सिंड्रोम या सीलीयस ट्रंक अक्लूजन सिंड्रोम कहा जाता है। अब तक इस बीमारी के गिनती के ही मरीज मिले हैं। डॉ.घनघोरिया ने बताया कि युवती की हालत अब खतरे से बाहर है। उसे वार्ड में शिफ्ट किया जा चुका है।naidunia

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