मिलिए डॉक्टर से जिनके पास है चाय का नायाब कलेक्शन

इंदौर। चाय के बड़े-बड़े शौकीन आपने देखे होंगे लेकिन आज हम आपको इंदौर के ऐसे डॉक्टर से मिलवा रहे हैं जिनके पास चाय का नायाब कलेक्शन है। उनके इस कलेक्शन में देश-विदेश की 25 से ज्यादा किस्म और फ्लेवर की चाय है। ये हैं डॉ. नबील परवेज। पेशे से दांत के डॉक्टर हैं और बचपन से ही चाय डॉ. नबील के फेवरेट ड्रिंक रही है। इसी शौक ने उन्हें चाय का बेहतरीन कलेक्शन बनाने को मजबूर कर दिया। वे जहां भी जाते हैं, वहां की प्रसिद्ध और फ्लेवर्ड चाय जरूर लेकर आते हैं।

यूं तो चाय हमारे देश का नेशनल ड्रिंक है, लेकिन अलग-अलग देशों में भी चाय पसंद की जाती है। इन देशों में चाय बनाने के खास तरीके है। साथ ही पीने के लिए खास पॉट यानी प्याले भी हैं।

चीन में अनूठा चलन

चीन में हर 100 किलोमीटर में चाय का स्वाद बदल जाता है। वहां चाय के स्वाद को लेकर कई प्रयोग होते हैं और चाय बनाने के कई तरीके हैं। चीन में चाय की परंपरा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यदि वहां आपको चाय सर्व की जाती और आप उसे पीकर कप रख देते हैं तो उसे दोबारा भर दिया जाएगा। अगर आपको चाय नहीं पीनी है तो आपको चाय का कप या प्याली उलटकर रखना होगी।

तुर्की में ऑरेंज टी – तुर्की में चाय के लिए विशेष प्रकार के कप और पारदर्शी प्याले में ही चाय सर्व की जाती है। तुर्की की चाय की ये भी खासियत है कि ये रंग में ऑरेंज रहती हैं। इसे बनाने का तरीका भी बहुत अलग है जिससे ये बहुत टेस्टी बनती है।

– कश्मीर की चाय को स्थानीय भाषा में कहवा कहा जाता है। इसमें केसर, लौंग, इलायची, दालचीनी और सूखे मेवे डालकर तैयार किया जाता है। इसे थर्मस जैसे फ्लास्क में रखा जाता है ताकि इसे दिनभर पीया जा सके।

डॉ. नबील के इस कलेक्शन में अब अफ्रीका की चाय भी जल्द शामिल होने वाली है।

डॉ. नबील का कलेक्शन

– केरल, दार्जिलिंग, कश्मीर की चाय

– तुर्की, चीन, थाइलैंड, श्रीलंका की चाय

– व्हाइट टी, ग्रीन टी, ब्लैक टी, यलो टी, केमोमाइल टी, कोलूक्कुमलाई टी

– ऊलॉन्ग टी, लोखार्ट, शुद्ध पत्तियों की चाय

– अलग-अलग देशों के पारंपरिक कप, प्याले, फ्लास्क, टी-पॉट, कैटली और टी स्टीमर

– तुर्की, चीन, इजरायल, श्रीलंका से लाए गए चाय के प्याले, कप और कैटलियां

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