मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रगति आनलाइन पोर्टल पर छह वृहद परियोजनाओं की समीक्षा की



मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रगति आनलाइन पोर्टल पर छह वृहद परियोजनाओं की समीक्षा की


वृहद परियोजनाओं को गति देने दिक्कतों का किया गया समाधान
परियोजनाओं को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के दिये निर्देश
 


भोपाल : मंगलवार, फरवरी 9, 2021, 20:59 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रगति पोर्टल पर आनलाइन प्रदेश में प्रगतिरत वृहद शासकीय और निजी परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा प्रगति पोर्टल पर आनलाइन बड़ी विकास परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा पुन: शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण-2), म.प्र. रूरल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट, बीना सिंचाई परियोजना, श्यामरी मध्यम परियोजना और बण्डा सिंचाई परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं के शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने में दिक्कतों की जानकारी लेकर उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिये। बैठक में वन मंत्री श्री विजय शाह, जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्री श्री तुलसी सिलावट, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, आयुष (स्वतंत्र प्रभार) और जल संसाधन राज्य मंत्री श्री रामकिशोर कांवरे, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में एक हजार किलोमीटर लंबाई की जो सड़कें शामिल है उनकी वन विभाग से समन्वय स्थापित कर जरूरी स्वीकृति लेकर कार्य पूर्ण किया जाये। उन्होंने निर्माण के लिये आवश्यक धन राशि भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना पंचायत एवं ग्रामीण विकास और वन विकास के माध्यम से क्रियान्वित हो रही है। सामान्य क्षेत्र में 500 और अनुसूचित जनजाति वाले क्षेत्र में 250 से कम आबादी के सभी राजस्व ग्रामों को सिंगल कनेक्टिविटी द्वारा पुल-पुलियों सहित बारहमासी सड़क संपर्क (ग्रेवल सड़क) से जोड़ने की मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना है। योजना का शुभारंभ वर्ष 2010-11 में किया गया था। इस योजना में 19 हजार 709 किलोमीटर ग्रेवल और बी.टी. सड़क सहित पुल-पुलियों का निर्माण कर बारहमासी एकल सम्पर्कता बनाने का लक्ष्य है। इसमें 18 हजार 609 किलोमीटर की सड़कें 3377 करोड़ रुपए व्यय कर पूर्ण कर ली गई है। अब तक 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 1735 अतिरिक्त राजस्व ग्रामों में एकल सम्पर्कता की आवश्यकता है। इन ग्रामों को जोड़ने के लिए 3676 किलोमीटर सड़कें बनाई जाना है। चालू वित्तीय सत्र में 140 ग्रामों में 311 किलोमीटर लम्बाई की बी.टी. सड़के स्वीकृत की गई है। निर्माण मार्च 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। शेष बचे 1595 ग्रामों में 3365 किलोमीटर सड़कों को अगले चार वर्षो में स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है। कुल सड़कों में 942 किलोमीटर लम्बाई की कुल 366 सड़कें अधिकतर वन क्षेत्र में बनाई जानी है, जिन्हें जून 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के निर्माण के लिए जरूरी स्वीकृतियाँ शीघ्र लेकर कार्य को अपेक्षित गति देने के निर्देश दिए गए है।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज- 2

इस मिशन में पंचायत एवं ग्रामीँण विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत और हितग्राही द्वारा स्वयं के द्वारा एवं सामुदायिक शौचालय, व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया जाता है। इन शौचालयों का निर्माण मार्च 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्य नवंबर 2020 और सामुदायिक शौचालय का निर्माण जुलाई 2020 में प्रारंभ किया गया है। अब तक एक लाख 10 हजार 69 व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के लक्ष्य के विरुध्द 93 हजार 154 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण पूरा हो गया है। अब तक 9 हजार 303 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध 6004 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा हो गया है। मिशन के अंतर्गत 326 करोड़ 41 लाख रुपए की राशि व्यय की गई है। लक्ष्य के अनुसार निर्माण कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों को सौंपी गई है।

म.प्र. रुरल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट में म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा सामान्य विकास खण्ड में 150 से अधिक और अनुसूचित जनजाति विकासखण्ड में 100 से अधिक जनसंख्या वाले ग्रामों में सड़क बनाई जानी है। प्रदेश में निर्मित हो चुकी 10 हजार किलोमीटर ग्रेवल मार्गों का डामरीकरण कर बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने और दोहरी सम्पर्कता वाले महत्वपूर्ण 510 किलोमीटर नवीन कार्यों के निर्माण का लक्ष्य है। प्रोजेक्ट को मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। करीब 9783 किलोमीटर सड़कों के लिए कार्य में से 8218 किलोमीटर में कार्य पूरा हो गया है। कार्य की प्रगति 84 प्रतिशत है। अब तक 2288 करोड़ रूपए व्यय हो चुके हैं। बैठक में बताया गया कि 1557 किलोमीटर शेष सड़कों के लिये कार्य को मार्च 2022 तक पूरा करने तथा 722 किलोमीटर मार्गों के लिए डी.पी.आर. बनायी जा रही है। इन सड़कों के निर्माण कार्य को दिसम्बर 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

बीना सिंचाई परियोजना

जल संसाधन एवं राजस्व विभाग के अंतर्गत सागर जिले की तहसील राहतगढ़ में बीना नदी पर मढ़िया, चकरपुर बांध और ग्राम गावरी और ग्राम भूलना भानगढ़ के समीप निर्माणाधीन है। बांध में संग्रहीत जल से प्रेशराइज्ड पाइप प्रणाली से सागर जिले के राहतगढ़, खुरई, मालथौन और बीना तहसील के 305 ग्रामों की 90 हजार हेक्टर भूमि में सिंचाई की जा सकेगी। परियोजना से राहतगढ़ और ग्यारसपुर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति भी होगी। परियोजना केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना का अंग है।

बांध निर्माण का कार्य एजेन्सियों द्वारा किया जा रहा हैं। परियोजना से प्रेशरायज्ड पाइप प्रणाली के तहत कृषकों को एक हेक्टेयर तक 20 मी. हेड के साथ जल उपलब्ध कराया जायेगा, जो कि स्काडा कन्ट्रोल होगा। इसके पश्चात कृषक अपनी स्प्रिंकलर प्रणाली स्थापित कर उन्नत तरीके से सिंचाई कर सकेंगे। दोनों बांध निर्माण के लिए राज्य सरकार 3255 करोड़ 31 लाख रूपये प्रदान करेगी। अब तक 910 करोड़ रूपये व्यय हो चुके हैं। चकरपुर एवं मढ़िया बांधों में जून 2022 तक क्रेस्ट लेवल तक निर्माण किया जाना लक्षित है और जून 2022 तक गेट स्थापना किया जाना लक्षित है। कुल 71 ग्रामों में से शेष 64 ग्रामों का भू-अर्जन का कार्य प्रक्रियाधीन है, जिसे शीघ्र ही समाप्त किया जायेगा। प्रथम चरण में 15 हजार 600 हेक्टर में प्रेशराइज्ड पाईप लाइन बिछाने की कार्य-योजना तैयार की जा रही है और अक्टूबर 2022 तक 5 हजार हेक्टर क्षेत्र में सिंचाई लक्षित है। अब तक 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।

परियोजना के डूब क्षेत्र में 7 गाँव तथा बेगमगंज, राहतगंज हाईवे का कुछ भाग आ रहा है। मंत्रीगण ने बांध की ऊँचाई कुछ कम करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बांध की ऊँचाई जरूरत के मुताबिक करने के संबंध में वर्कआउट कर लिया जाये और समस्या समाधान के लिये कार्य-योजना को अमल में लाया जाये। गाँव सेमरामीड़ा को पूर्ण रूप से विस्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी।

श्यामरी मध्यम परियोजना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्यामरी मध्यम परियोजना की समीक्षा के दौरान कहा कि एन.टी.पी.सी. से समन्वय स्थापित कर जल की वर्तमान जरूरत का आंकलन कर कार्य को गति दें। परियोजना को एन.टी.पी.सी. और जल संसाधन विभाग के अंतर्गत पूरा किया जाना है। यह परियोजना छतरपुर जिले की तहसील बिजावर अंतर्गत श्यामरी नदी पर छतरपुर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। परियोजना का निर्माण एन.टी.पी.सी. की प्रस्तावित थर्मल विद्युत परियोजना में लगने वाले आवश्यक जल की आपूर्ति के लिये किया जा रहा है।

परियोजना में 51.48 एम.सी.एम. सकल भंडारण क्षमता का बांध का निर्माण किया जाना है। जिसमें से 40.75 एम.सी.एम. जल एन.टी.पी.सी. के प्रस्तावित थर्मल विद्युत परियोजना के लिये तथा शेष जल से 750 हेक्टयर क्षेत्र में कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।

बंडा सिंचाई परियोजना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बंडा सिंचाई परियोजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि परियोजना को गति देने के लिये भारत सरकार से वन भूमि स्टेट एक की अपेक्षित स्वीकृति शीघ्र प्राप्त कर कार्य को गति देने के लिये निर्देश दिये। उन्होंने गैर वन भूमि पर बांध का निर्माण कार्य की प्रक्रिया शीघ्रता से समय-सीमा में पूरा करने के लिये कहा। प्रक्रियाधीन भू-अर्जन कार्य को भी जल्द समाप्त करने के निर्देश दिये गये। बंडा परियोजना सागर जिले की बंडा तहसील में ग्राम उल्दन के समीप धसान नदी पर निर्माणाधीन है। इसके माध्यम से सागर जिले के सागर, बंडा, शाहगढ़, मालथौन एवं छतरपुर जिले के बक्सवाहा ब्लाक के 303 ग्रामों की 80 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की जा सकेगी। परियोजना को दिसम्बर 23 तक पूरा करना लक्षित है। राज्य सरकार परियोजना के लिये 2610 करोड़ 54 लाख रूपये प्रदान कर रही है। अब तक 292 करोड़ रूपये व्यय हो चुके हैं।


अतुल खरे



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