होम-स्टे योजनाओं ने पर्यटकों को लुभाया


मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने स्थानीय और विदेशी पर्यटकों को प्रदेश में नया अनुभव प्रदान करने और सतत पर्यटन (सस्टेनेबल टूरिज्म) की दिशा में पहल की है। विशेष रूप से विभाग की होम-स्टे योजनाएँ पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं।

विभाग द्वारा पर्यटकों को भारतीय संस्कृति, परम्परा एवं खान-पान आदि के अनुभव प्रदान करने की दिशा में पहल की गई है। पर्यटकों को ठहरने के लिये स्वच्छ एवं किफायती स्थान उपलब्ध कराने तथा प्रदेश में अतिथि कक्षों की संख्या में वृद्धि भी की जा रही है।

होम स्टे पोर्टल का उद्घाटन

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2 फरवरी को होम-स्टे पोर्टल का उदघाटन किया। इस मौके पर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड श्री शिवशेखर शुक्ला, अपर प्रबंध संचालक सुश्री सोनिया मीना तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन निगम श्री एस. विश्वनाथन भी मौजूद थे।

पर्यटन विभाग द्वारा होम-स्टे योजनाओं को सरल बनाकर इनसे व्यापक रूप से हितधारकों को जोड़ने के कदम उठाये गये हैं। इन योजनाओं से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों, पर्यटन स्थलों के निजी क्षेत्र के हितधारक तेजी से बढ़ते हुए पर्यटन व्यवसाय से जुड़ेंगे। वे यहाँ की संस्कृति, परिवेश एवं स्‍थानीय परम्पराओं का अनुभव प्रदान करेंगे। साथ ही वे आय के वैकल्पिक स्रोतों को भी सृजित कर सकेंगे।

होम-स्टे संबंधी योजनाओं के जरिये स्थानीय हितधारकों के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिसमें गृहणियाँ, स्थानीय युवा, टूर-ट्रेवल्स, गाइड, नेचुरलिस्ट, हेरिटेज सम्पत्तियाँ, पारम्परिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय व्यवसाई, ग्रामीण स्व-सहायता समूह, पंजीकृत पर्यटन सोसायटी, स्थानीय कला एवं हस्तकला के कारीगर, स्थानीय खान-पान के विशेषज्ञ तथा उन्नत तकनीक का उपयोग करने वाले कृषक सम्मिलित हैं।

पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत इकाइयों को उनके प्रचार-प्रसार के लिये निश्चित अतिथि आवास पूर्ण करने और इकाई में उपलब्ध सुविधाओं को बढ़ाने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। पंजीकृत इकाइयों को डिजिटल मार्केटिंग, प्राइसिंग और प्रमोशन के लिये तकनीकी सहायता, इकाई में कार्यरत मानव संसाधन की क्षमता वृद्धि तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ट्रेवल मार्ट और कार्यशालाओं में सहभागिता करने के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं।

पर्यटन विभाग ने इच्छुक हितधारकों को जोड़ने के लिये पर्यटन स्थल तथा जिला स्तर पर जिला पुरातत्व एवं पर्यटन परिषद के सहयोग से व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू किया है। सोशल मीडिया सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर भी होम-स्टे योजना और पंजीकृत इकाइयों का प्रमोशन किया जा रहा है।

पर्यटन विभाग फिलहाल इच्छुक व्यक्तियों से इकाइयों के पंजीकरण के लिये ऑफलाइन आवेदन प्राप्त कर रहा है। भविष्य में आवेदकों की बढ़ती संख्या एवं पंजीकरण को आसान बनाने के लिये ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। इसके लिये होम-स्टे पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से इच्‍छुक व्यक्ति स्वयं या एम.पी. ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन कर सकेगा।

ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन के अतिरिक्त प्रदेश में स्थित पंजीकृत इकाइयों की बुकिंग, उपलब्ध होम-स्टे की जानकारी, सभी योजनाओं एवं पंजीयन से पहले और बाद में पूछे जाने वाले प्रश्नों की जानकारी उपलब्ध रहेगी।



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