Maha Shivratri 2018 : पंचामृत में हैं 5 अमृत, देते हैं ये 5 चमत्‍कारी लाभ

नई द‍िल्‍ली : महाश‍िवरात्र‍ि हो या फ‍िर जन्‍माष्‍टमी का त्‍योहार या अन्‍य कोई पूजा – पंचामृत का प्रसाद सबसे शुभ व कल्‍याणकारी माना जाता है। पंचामृत का अर्थ है पांच अमृत। दरअसल, पंचामृत को पांच ऐसी चीजों को मिलाकर बनाया जाता है ज‍िनका सेहत पर चमत्‍कारी फायदा माना जाता है। इन सभी चीजों को इनके गुणों के आधार पर स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी माना गया है। बता दें कि पंचामृत को दूध, दही, शहद, घी और तुलसी की पत्‍त‍ियों से मिलाकर तैयार किया जाता है।

कैसे बनाते हैं पंचामृत
पंचामृत बनाने के लिए पांचों चीजें इस तरह चाहिए – 500 ग्राम दही, 100 ग्राम दूध, 1 चम्मच शहद, 1 चम्‍मच घी और 8 से 10 तुलसी के पत्ते। इस अनुपात में मिलाकर बनाया गया पंचामृत ही असरदार माना जाता है। चाहें तो मिठास के लिए 50 ग्राम शक्‍कर या चीनी इसमें डाल सकते हैं। इस प्रसाद में बादाम और केसर भी मिलाया जा सकता है। लेकिन इसकी व‍िध‍ि में मूल रूप से वही 5 चीजें होती हैं, जो पहले बताई गई हैं।

जानें पंचामृत के 5 अचूक लाभ 
पंचामृत को दूध, दही, शहद, घी और तुलसी की पत्‍त‍ियों से बनाते हैं। इन सभी चीजों के अपने-अपने फायदे बताए गए हैं। ऐसे में जब इनको मिलाकर पंचामृत बनता है जो इसके सेवन से शरीर को ये फायदे मिलते हैं –

1. पंचामृत का सेवन करने से शरीर पुष्ट और रोगमुक्त रहता है।

2. पंचामृत से जिस तरह हम भगवान को स्नान कराते हैं ऐसा ही खुद स्नान करने से शरीर की कांति बढ़ती है।

3. इसमें तुलसी का एक पत्ता डालकर इसका नियमित सेवन करने से कैंसर, हार्ट अटैक, डायबिटिज, कब्ज और ब्लड प्रेशर जैसी रोगों से बचा जा सकता है।

4. अगर इम्युनिटी सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो पंचामृत के नियमित सेवन से आप इसमें सुधार महसूस कर सकते हैं।

5. चेहरे के रंगत निखरती है और लालिमा आती है। घी और दूध का मेल मांसपेश‍ियों और जोड़ों की समस्‍या को दूर रखता है।

लेकिन ध्‍यान रहे कि पंचामृत उसी मात्रा में सेवन करना चाहिए जिस मात्रा में प्रसाद ग्रहण किया जाता है। उससे ज्यादा नहीं। पंचामृत को अमृत समान कहा गया है इसलिए इसे अमृत की तरह बस चखना ही अच्‍छा बताया गया है। timesnownews

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