Thyroid से हो सकती है बांझपन की समस्‍या, ऐसी डाइट में है समाधान

नई द‍िल्‍ली: थायराइड की समस्‍या से दुन‍िया भर में लोग परेशान हैं। इसकी प्रमुख वजह खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खान-पान बताई जाती है। थायराइड को मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्‍या माना जाता है और यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं को कई गुना अधिक होती है। थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। ये ग्रंथि तितली के आकार की होती है। वहीं यह भी जानना जरूरी है क‍ि थायराइड की समस्‍या दो तरह की होती है – हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइड।

क्‍या होता है थायराइड में 
थायराइड की समस्‍या होने पर वजन अचानक से बढ़ जाता है। हालांकि कई मामलों में यह अचानक से कम भी हो जाता है। साथ ही थकान, मूड में जल्‍द जल्‍दी बदलाव, बालों का झड़ना, काम में मन न लगना, अधिक ठंड लगना, मेटाबॉलिक रेट कम होना, डिप्रेशन महसूस करना, बात-बात में भावुक हो उठना, चेहरा सूजा हुआ लगना, रूखी आवाज, बहुत धीरे-धीरे और वक्त लगाकर बात करना जैसे लक्षण थायराइड की समस्‍या में अक्‍सर नजर आते हैं।

हाल ही में हुई कुछ रिसर्च बताती हैं कि थायराइड से महिलाओं को मां बनने में द‍िक्‍कत आती है और अगर इसका इलाज न कराया जाए तो इनफर्ट‍िलिटी यानी बांझपन की समस्‍या हो सकती है।

यूं तो थायराइड के लिए नियमित दवाइयां लेनी होती हैं लेकिन इसे ठीक करने में डाइट का भी बड़ा रोल होता है। यहां जानें कि खान-पान में किन चीजों को शामिल करके थायराइड से लड़ा जा सकता है – 

– थायरायड के मरीज को आयोडीनयुक्त भोजन करना चाहिए। आयो‍डीन थाइराइड ग्रंथि के दुष्प्रभाव को कम करता है।

– साबुत अनाज में ज्यादा मात्रा में विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर होते हैं। ये शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

– नॉन वेज पसंद करने वालों को मछली जरूर खानी चाहिए क्‍योंकि इसमें ज्‍यादा मात्रा में आयोडीन पाया जाता है। वैसे तो सभी मछलियों में आयोडीन पाया जाता है, लेकिन समुद्री मछलियों में ज्‍यादा मात्रा में आयोडीन होता है। सेलफिश और झींगा इसके लिए बेहतर विकल्‍प हैं।

– दूध और दही में पर्याप्त मात्रा में विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। दही खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और यह थायराइड की समस्‍या को भी दूर करती है।

– बादाम, काजू और सूरजमुखी के बीज को डाइट में शामिल करें। इनमें आयरन और कॉपर पर्याप्‍त मात्रा में होते हैं जो थायराइड ठीक करने में मदद करते हैं।

– फल और सब्जियों का भरपूर सेवन थायराइड को दूर रखता है। दरअसल ये एंटीऑक्सि‍डेंट्स का अच्‍छा सोर्स होते हैं जो शरीर को रोगों से लड़ने में सहायता करते हैं।

– मुलेठी का सेवन भी थायराइड के लिए अच्‍छा माना जाता है। मुलेठी थायराइड ग्रंथि को संतुलित करने में मदद करती है और थकान दूर करने वाली मानी जाती है।

– सोया मिल्‍क, टोफू या सोयाबीन में ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो हार्मोन को सुचारू रूप से काम करने में मदद करते हैं।timesnownews

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