अब शिक्षित महिलाओं को भी कम उम्र में हो रहीं ये समस्याएं, कहीं आप तो नहीं परेशान

    0
    864

    जयपुर

    महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरत रही हैं। शिक्षित होते हुए भी ज्यादातर महिलाएं खान-पान और रहन सहन के प्रति सजग नहीं हैं। नतीजतन कम उम्र में ही उन्हें वे बीमारियां हो रही हैं, जो अधिक आयुवर्ग में होती हैं। सर्वे में सामने आया है कि करीब 52 प्रतिशत महिलाओं में विटामिन-ई की कमी है।

    वहीं 78 प्रतिशत महिलाएं कैल्शियम की कमी से पीडि़त हैं। यह सर्वे गणगौरी अस्पताल में किया गया है। दरअसल, हड्डियों व दांतों के विकास और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है। खून का थक्का और मांसपेशियों व तंत्रिकाओं की सही कार्यप्रणाली भी कैल्शियम पर ही निर्भर है।

    मेनोपॉज के बाद जब महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हो जाती है, तब हड्डियों का घनत्व तेजी से कम होने लगता है। इससे महिलाओं में कलाई, स्पाइन व कूल्हे की हड्डियों में फ्रेक्चर हो सकता है। एक युवा महिला को व रजोनिवृत्ति के बाद 1500 एमजी (मिलीग्राम) की, जबकि स्तनपान करवाने वालीको प्रतिदिन 2500 एमजी कैल्शियम की जरूरत होती है।

    इसी तरह इम्यून सिस्टम, स्किन और आंखों के लिए विटामिन-ई जरूरी होता है। शरीर को पूरी तरह ढककर रखने से महिलाओं को इसके प्राकृतिक स्रोत सूर्य से प्रचुर मात्रा में नहीं मिल पाता। यही कारण है कि 78 फीसदी महिलाओं में इसकी कमी है।

    गणगौरी हॉस्पिटल  की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विनीता गुप्ता ने बताया कि एक गिलास दूध में 245 एमजी कैल्शियम होता है, इसलिए महिलाएं प्रतिदिन दो गिलास दूध लें। दही, चीज, पनीर, सोया मिल्क आदि इसके मुख्य स्रोत हैं।

    नॉन-डेयरी प्रोडक्ट्स में हरी सब्जियां जैसे- ब्रोकली, बीन्स, पालक, बादाम और मछली आदि इसके स्रोत है। कैल्शियम की गोली लें। सूर्य की रोशनी में बैठने का प्रयास करें।

    Share and Enjoy !

    0Shares
    0 0