आचार्य बालकृष्ण का जन्म दिन जड़ी बूटी दिवस के रूप में मनाया गया

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    jadibuti divas

    पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण का जन्म  दिन जड़ी बूटी दिवस के रूप में मनाया गया

    पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिन जड़ी बूटी दिवस के रूप में मनाया गया।  इस अवसर पर देश की कई जानी- मानी हस्तियां हरिद्वार स्थित योगग्राम में उपस्थित थी। इस दौरान उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के आलावा देश के कई दूसरे मंत्री और नेता भी शामिल हुए। भाजपा नेता नरेश शर्मा, महामना सेवा संस्थान के महामंत्री रमेश शर्मा,  हरिद्वार नागरिक मंच के अध्यक्ष डा. सुनील बत्रा, महामंत्री देवेंद्र शर्मा, महेश पारीक आदि मौजूद रहे।  इस दौरान निरोगी दुनिया बनाने का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम में पहुंची राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने पतंजलि योगपीठ के द्वारा देश और समाज के विकास में  दिए गए योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि पतंजलि ने योग और आयुर्वेद को देश में ही नहीं  बल्कि विदेश तक पहुंचाया है। 

    जन्मदिन के मौके पर आयोजित ऑन इंटिग्रेटिड अप्रोच ऑनऑटोमिनीडिसआर्डर विषय पर गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण महाराज ने विश्व को आरोग्यता का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि योग का उद्भव उत्तराखंड से हुआ, इसलिए इसे देवभूमि कहा जाता है। 

    योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि को योग और आयुर्वेद की सबसे बड़ी संस्था बनाने  में आचार्य बालकृष्ण का अहम योगदान है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आयुर्वेद को समर्पित किया हुआ है। उन्होंने कहा कि आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद की पुस्तकों के लेखन, प्रकाशन, पांडुलिपियों के संरक्षण, आयुर्वेदिक औषधियों की खोज, अनुसंधान, आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार व आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्वीकृति दिलाने में अहम भूमिका नभाई। 

    शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने भी पतंजलि योगपीठ की सफलता के  सफर को सराहा। आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि पहले जब योग की बात आती थी तो यह हिमालय की गुफाओं तक ही सीमित था। स्वामी रामदेव  और आचार्य बालकृष्ण ने इसे दुनियाभर में पहुंचाया। गोष्ठी में पूर्व निदेशक प्रो एमएस बघेल, प्रोफेसर डॉ. एस गोपा कुमार, आयुर्वेदिक चिकित्सक वैद्य दिलीप पी गाडगिल आदि ने भी विचार रखे। 

    आचार्य बालकृष्ण ने अपने जन्म दिन पर किया रक्त दान

    जड़ी बूटी दिवस पर मदर टेरेसा ब्लड बैंक रुड़की के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान

    आचार्य बालकृष्ण ने अपने जन्म दिन पर रक्तदान करके न सिर्फ एक पुण्य का काम किया बल्कि देश के सामने एक मिशाल भी पेश की है

     कि जन्म दिन कुछ इस तरह भी मनाया जा सकता है जिससे कई जरूरत मंद लोगों की मदद भी की जा सकती है उनका जीवन भी बचाया जा सकता है। सिर्फ पार्टी करना, घूमना और शोर-शरावा करके ही जन्म दिन नहीं मनाया जाता बल्कि कुछ पुण्य करके भी जन्म दिन मनाया जा सकता है।

    स्वामी रामदेव और मदन कौशिक ने भी किया रक्त दान 

     इस दौरान आचार्य बालकृष्ण के साथ ही स्वामी रामदेव और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने भी रक्तदान किया। शिविर में पतंजलि योगपीठ के सभी कर्मचारियों ने 400 यूनिट रक्तदान किया।

     जड़ी बूटी दिवस पर निशुल्क पौधे वितरित किये गए

     जड़ी बूटी दिवस के अवसर पर पतंजलि ने इफ्को के सहयोग से नीम के चालीस हजार पौधे निशुल्क वितरित किए। नीम के आलावा गिलोय, तुलसी, एलोवेरा, अश्वगंधा, हल्दी और भी कई तरह के पौधे वितरित किये गए।  राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने नीम का पौधा भी रोपा।इसके  आलावा आचार्य बालकृष्ण और  स्वामी रामदेव ने भी तुलसी, एलोवेरा ,नीम, गिलोय आदि पौधे रोप कर जड़ीबूटी दिवस पर लोगों को यह संदेश दे दिया कि यह जड़ीबूटी हमारे जीवन में क्या महत्व रखती हैं और हमें उन्हें कैसे संरक्षित रखना है।

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