आप भी आई ड्रॉप इस्तेमाल करते हैं, तो संभल जाए छिन सकती है आंखों की रोशनी

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    नई दिल्ली। कई लोग आई ड्रॉप का इस्तेमाल करते हैं। इसका इस्तेमाल आमतौर पर लोग आंखों में सूखेपन की समस्या और धूल या तेज हवा से आंखों में होने वाली जलन से आराम पाने के लिए करते हैं। लेकिन अगर आप भी आई ड्रॉप का यूज करते हैं तो एक बार यह जरूर पढ़ लीजिए। ये आई ड्रॉप आपके आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इतने नुकसानदायक भी कि आपकी आंखों की रोशनी छिन सकते हैं। आई ड्रॉप के इस्तेमाल से आप ग्लूकोमा यानी काला मोतिया के शिकार हो सकते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि ग्लूकोमा के 15 प्रतिशत मरीजों के पीड़ित होने का कारण आई ड्रॉप का साइड इफेक्ट है।

    कई बार आंखों की सर्जरी भी ग्लूकोमा का खतरा बढ़ा देती है। सर्जरी के बाद ध्यान नहीं देने से आंखों पर प्रेशर बढ़ जाता है, जो ग्लूकोमा को निमंत्रण देती है। आंखों में कभी भी किसी प्रकार की कोई सर्जरी हुई हो या कोई घाव हो गया हो तो उसकी जांच समय-समय पर करवाते रहें। हालांकि ऐसे मरीजों की संख्या कम है, लेकिन फिर भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए।

    बता दें कि भारत में ग्लूकोमा के करीब तीन लाख मरीज रजिस्टर्ड हो चुके हैं।

    – ग्लूकोमा एक अनुवांशिक बीमारी है। ऐसे में बच्चे की आंखों की जांच करवा लेना चाहिए। आंखों की एलर्जी, अस्थमा, चर्म रोग या किसी अन्य रोग के लिए स्टेरॉयड दवाओं का प्रयोग करने से आंखों में दिक्कत आती है तो ऐसी दवाइयों के सेवन से बचें।

    – आंखों में दर्द हो या आंखें लाल हो जाएं तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवा का प्रयोग करें।

    – खेलने के दौरान अगर आंखों में चोट लग जाए तो इसका इलाज कराएं।

    – हर दो साल में आंखों की नियमित जांच करवाते रहिए। चेकअप करवाने से आंखों की रोशनी का पता लगाया जा सकता है।

    – अगर आपके चश्मे का नंबर बदल रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कीजिए।

    – जब आप सीधे देख रहे हों तो आंखों के किनारे से न दिखाई दे रहा हो तब जांच करवाएं।

    – सिर और पेट में दर्द हो तो खुद कोई दवा न ले। तुरंत चिकित्सक से संपर्क कीजिए। आंखों को पोषण देने वाले तत्वों जैसे बादाम, दूध, संतरे का जूस, खरबूजे, अंडा, सोयाबीन का दूध, मूंगफली आदि का ज्यादा मात्रा में सेवन कीजिए।

    source : naidunia

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