एक्सपायर हो गईं अमानक दवाइयां

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    भोपाल। ब्यूरो। करीब साल भर पहले एक्सपायर हो चुकी अमानक दवाओं को अब लौटाने के लिए कहा जा रहा है। ये दवाएं प्रदेश की बाहर की चुनिंदा लैब में अमानक मिली हैं।

    खाद्य एवं औषषि प्रशासन को आशंका है कि मप्र के सरकारी अस्पतालों में लोकल परचेस के जरिए अमानक बैच की दवाओं की खरीदी हो सकती है। ऐसी पांच दवाओं की पड़ताल के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी जिलों को पत्र लिखा है। सेंचुरी ड्रग प्राइवेट लिमिटेड की लोमोजैक टैबलेट अमानक मिली है।

    इसका बैच नंबर 1505 व एक्सपायरी नवंबर 2015 है। महाराष्ट्र की सरकारी लैब में यह दवा अमानक मिली है। इसी तरह से विंटोकेम फार्मा उज्जैन की प्राइमाक्वीन 7.5 एमजी (मलेरिया की दवा) अमानक मिली है। यह दवा भी नवंबर 2015 में एक्सपायर हो चुकी है।

    इसी कंपनी की 15 एमजी की दवा भी अमानक आई है। इसकी एक्सपायरी मई 2016 है। रीजनल ड्रग लैबरेट्री गुवाहाटी से दोनों दवाएं अमानक मिली हैं। इंदौर की मेट्रोजिल अकपाश फार्मास्युटिक इंदौर की मेट्रोजिल दवा अमानक मिली है। इसका बैच नंबर केटी 007 है।

    शासकीय विश्लेषक गुवाहाटी से यह दवा अमानक मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अि कारियों ने बताया कि इन दवाओं की सप्लाई प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नहीं है, लेकिन सरकारी अस्पताल 20 फीसदी दवाएं अपने स्थानीय बजट से बाजार से खरीदते हैं। ये सभी कंपनियां मध्यप्रदेश की हैं। इनकी बाजार में भी सप्लाई है।

    लिहाजा सरकारी अस्पतालों में लोकल परचेस जरिए इन दवाओं की सप्लाई हो सकती है। पिछले साल सेफ्टाजिडिम इंजेक्शन (एंटीबायोटिक) अमानक निकला था। सरकारी अस्पतालों में खप जाने के बाद इसकी जांच रिपोर्ट आई थी।

    इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में बच्चों को दिया जाना वाला पैरासिटामॉल सीरप हाल ही में अमानक मिला है। यह दवा क्रियेटिव हेल्थ केयर की है, जिसका बैच नंबर जीपीएस 4008 है। इसके अलावा खून पतला करने की दवा क्लोपिडाग्राल एस्प्रिन भी हाल ही में अमानक आई है।

    इसका बैच नंबर टी 5172 है। बाक्स अमानक के मापदंड रिटायर्ड ड्रग इंस्पेक्टर डीएम चिंचोलकर ने बताया कि इंडियन फार्माकोपिया के मापदंड के अनुसार अगर दवा नहीं निकलती, तो उसे अमानक माना जाता है। अमानक होने की कई कैटेगरी हैं। दवा तय मात्रा में है या नहीं। कैप्सूल है, तो उसमें लीकेज तो नहीं। लिक्विड है तो उसमें ठोस कण तो नहीं हैं। दवा के रंग में अंतर आता है तो उसे भी अमानक मानेंगे। पैकेट में ज्यादातर दवाएं फूट रही हैं तो उसे अमानक माना जाता है।

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