एसिडिटी सता रही है तो पढ़ें पूरी खबर

    0
    856

    जयपुर।

    इस भाग -दौड़ भरी जिन्दगी ने लोगों को जीवनशैली भी काफी हद तक प्रभावित कर रखा है। इस व्यस्त और असंतुलित जीवनशैली से लोगों का खानपान बिलकुल ही खराब हो चुका है। सही समय पर भोजन न करने, जल्दी-जल्दी बिना चबाए खाने, अधिक मात्रा में तला-भुना या मिर्च-मसालेदार भोजन की आदत पाचन क्षमता को धीमा कर एसिडिटी पैदा करती है। जिससे आए दिन लोगों को पेट संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है। ऐसे में अगर आपको अपना सेहत दुरुस्त रखना है तो कुछ आदतों पर आपको ध्यान देना होगा। साथ ही यह भी जानना होगा कि, किस वजह से आप इन जैसी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।

    एसिडिटी के लक्षणों की पहचान 

    पेट में गुडग़ुड़ाहट, पेट में भारीपन, खट्टी डकारें, सीने-गले में जलन, अत्यधिक थकान, सिरदर्द, अपच, जैसी हालात बने तो आप सतर्क हो जाएं। क्योंकि ऐसी लक्षण एसिडिटी की होती है। इस बीमारी में कई बार हाथ-पैर में जलन, भूख न लगने, बुखार व खुजली की भी शिकायत रहती है

    इन कारणों से एसिडिटी के शिकार हो सकते हैं 

    वैसे तो इस बीमारी के कई कारण हैं पर कुछ खास कारणों में नया अन्न, तिल, उड़द, कुलथी की दाल, तेल व मसाले, कांजी, खट्टी-तीखी, भारी व बासी चीजें खाना एसिडिटी को बढ़ावा देते हैं। इनके अलावा शराब की लत या उल्टी आने पर उसे जबरदस्ती रोकने से भी एसिडिटी हो सकती है। भोजन के तुरंत बाद सोना, बार-बार नहाना, भोजन के बीच पानी पीना पेट में एसिडिटी पैदा कर सकता है।

    एसिडिटी से बचना चाहते हैं तो परहेज करें इनका

    चरक संहिता के मुताबिक, कुलथी की दाल व बेसन, मैदा जैसी नमकीन चीजें भारी होती है इसलिए इनका परहेज करें। साथ ही नए चावल की तासीर जो भारी होने की वजह से पचने में समय लगाता है। वहीं पुराने चावलों को 5 से 6 बार अच्छे से धोने के बाद प्रयोग में लाना फायदेमंद होता है। इस तरह आप इन नुकसानदेह चीजों का परहेज कर स्वस्थ्य जीवन बिता सकते हैं।

    Share and Enjoy !

    0Shares
    0 0