कुपोषण के कारण कई बच्चों की मौत हो जाती है : सीएम

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    श्योपुर। इस बार मैं अकेला नहीं आया हूं। कराहल की सूरत बदलने और कुपोषण के खिलाफ जंग छेड़ने के लिए आधी सरकार साथ लेकर आया हूं। कराहल में कुपोषण सबसे ज्यादा है। कुपोषण के कारण कई बच्चों की मौत हो जाती है।

    यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सोमवार को कराहल में आयोजित हुए ‘कुपोषण के विरुद्ध जंग” कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम खत्म होने के बाद नईदुनिया संवाददाता ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आपने अपने भाषण में कुपोषण से मौत होने की बात स्वीकारी, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में एक भी बच्चे की मौत कुपोषण से नहीं मानी जाती। रिकॉर्ड में कुपोषण से मौतों को क्यों छिपा दिया जाता है?

    इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने गोलमोल जवाब देते हुए आईसीडीएस व एनआरसी जैसी योजनाओं के नाम गिना दिए। मुख्यमंत्री से दोबारा पूछा कि रिकॉर्ड में कुपोषण से मौत क्यों नहीं दर्शाई जाती। इसके बाद सीएम कुछ नहीं बोले।

    कराहल में कुपोषण के खात्मे के लिए आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी महिलाओं को एक हजार रुपए महीने देने, 10 रुपए किलो में मूंग की दाल देने, कराहल में कॉलेज बनाने के अलावा कई योजनाओं की घोषणा की। उनके साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस, नगरीय प्रशासन मंत्री लालसिंह आर्य, प्रभारी मंत्री ललिता यादव, सांसद अनूप मिश्रा, भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री सुहाष भगत आदि थे। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को कराहल के जंगलों में पाई जाने वाली सात प्रकार की जड़ी-बूटियों से तौला।

    श्वेतपत्र पर भी चुप्पी साध गए सीएम

    पत्रकारों से चर्चा के दौरान नईदुनिया संवाददाता ने पूछा कि पिछले साल कुपोषण से हुई मौतों के बाद सरकार ने कुपोषण के खिलाफ श्वेतपत्र लाने की बात कही थी, लेकिन डेढ़ साल बाद भी कुपोषण पर श्वेतपत्र नहीं आया। श्वेत पत्र कब तक आएगा इस पर सीएम ने कोई सटीक जवाब नहीं दिया। सीएम बोले कि पूरी सरकार कुपोषण को खत्म करने पर काम कर रही है। कुपोषण के हालात पहले जैसे नहीं रहे।

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