गैस का बनना सेहत से जुड़ी किसी परेशानी की चेतावनी भी हो सकता है

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पेट में गैस बनना तो सामान्य प्रक्रिया है जिसकी वजह से पेट में भारीपन और कई बार दर्द भी होता है। लेकिन अधिक मात्रा में दर्द को सामान्य नहीं माना जा सकता और यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है पेट में गैस का बनना लोग जो खा रहे होते हैं उसका बाय प्रोडक्ट होता है। भले ही गैस की वजह से पेट में असहजता महसूस होती हो, लेकिन यह पाचन तंत्र का एक जरूरी प्रोसेस है। कई बार पेट का यही भारीपन और दर्द सेहत से जुड़ी अन्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।

क्या यह सिर्फ गैस है?

सामान्य तौर पर लोग दिन में अधिक से अधिक 20 बार गैस पास करते हैं और इसे सामान्य माना जाता है। यदि इससे अधिक मात्रा में गैस बन रही है तो उसे सामान्य की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। विशेषज्ञ इसके लिए कुछ खास प्रकार के खाद्य पदार्थों को जिम्मेदार मानते हैं, तो उसे इस प्रकार समझा जा सकता है:

– आपको तुरंत ही गैस पास करने की जल्दी होती है या फिर डकार लेने की।

गैस पास करते ही पेट के भारीपन और दर्द से आराम मिल जाता है।

पेट का दर्द लगातार या बहुत अधिक नहीं होता।

डाइट में थोड़े बदलाव जैसे डेयरी प्रोडक्ट, फाइबर का अधिक सेवन, फैट फूड कम लेने पर अधिक गैस और भारीपन की समस्या कम हो जाती है।

गैस के दर्द में नहीं होता ऐसा

अपेंडिसाइटिस में होने वाला दर्द अलग होता है और उससे पेट में कई प्रकार के बदलाव आ जाते हैं जैसे अत्यधिक कड़ापन और सूजन। गैस के दर्द में छूने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, इसलिए अत्यधिक दर्द की स्थिति में मेडिकल हेल्थ की जरूरत पड़ती है।

कैसे होती है पहचान

रोगी की शारीरिक जांच के आधार पर यह पता लगाया जाता है कि उसे गैस के कारण दर्द हो रहा है या उसकी वजह कुछ और है। यदि किसी को लेक्टोज इनटॉलरेंस के कारण ऐसी परेशानी हो रही है तो डॉक्टर उस स्थिति में ब्लड टेस्ट या सांसों की जांच करते हैं। यह रोगी में नजर आ रहे लक्षणों पर निर्भर करता है कि उसे किस प्रकार की जांच करानी है, अन्य जांचों में एक्स-रे, पेट का सीटी या अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। यदि किसी को लगातार गैस के कारण पेट में दर्द, भारीपन महसूस हो रहा है और आराम नहीं मिल रहा तो उस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

दर्द में आजमाएं इन्हें

खाने से पहले पानी पीएं। यदि आप खाने के साथ-साथ पानी पीते हैं तो उससे स्टम्क एसिड नष्ट हो जाते हैं और खाना सही तरीके से नहीं पचता। इसलिए खाना खाने के कम से कम 30 मिनट पहले पानी पीएं ताकि भोजन पच सके।

धीरे-धीरे खाएं और पीएं। यदि आप तेजी से खाते या पीते हैं तो उस स्थिति में काफी मात्रा में हवा भी अंदर चली जाती है, इससे गैस बनने की शिकायत हो सकती है। जब खा रहे हों तो धीमी गति से खाएं। यदि आप डेंचर लगाते हैं तो उसकी फिटिंग सही हो ताकि खाते समय अधिक मात्रा में गैस अंदर न चली जाए।

हवा न भरें: धूम्रपान, च्युंगम चबाना और स्ट्रॉ से पीने से पेट में हवा भर जाती है, जिससे गैस की समस्या हो सकती है।

किन परेशानियों का हो सकता है संकेत

हालांकि अत्यधिक गैस किसी गंभीर बीमारी का लक्षण भले ही न हो लेकिन गैस का बनना सेहत से जुड़ी किसी परेशानी की चेतावनी भी हो सकता है। यह पाचन तंत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी के कारण भी हो सकता है। इसके अलावा निम्न कारण भी हो सकते हैं: कब्जियत, लेक्टोज इनटोलरेंस, फूड इनटोलरेंस या एलर्जी, गेस्ट्रोफेगल रिफ्लक्स डिसीज या अपच, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, डाइजेस्टिव ट्रैक्ट में अल्सर, अपेंडिसाइटिस, पेट में ट्यूमर

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