Home Hospitals घुटने का प्रत्यारोपण करमरीज को तीन घंटे बाद ही चला दिया

घुटने का प्रत्यारोपण करमरीज को तीन घंटे बाद ही चला दिया

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जबलपुर,  मेडिकल अस्पताल में घुटने का प्रत्यारोपण करके एक महिला मरीज को तीन घंटे बाद ही पैरों पर खड़ा करके कुछ दूरी तक चला दिया। इस तरह का ऑपरेशन मेडिकल अस्पताल में पहली बार हुआ। मेडिकल में घुटने के प्रत्यारोपण अभी तक पुरानी तकनीक से हो रहे थे। जिसमें उन्हें तीन दिन तक बेड पर ही रहना पड़ता था।

मेडिकल अस्पताल में घुटनों के दर्द से पीड़ित सतना निवासी आशा बाई पाण्डेय (63) के एक घुटने का प्रत्यारोपण किया गया। इस ऑपरेशन को नई तकनीक जीरो तकनीक से मेडिकल अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सचिन उपाध्याय ने किया। जूडा अध्यक्ष डॉ. सूर्य प्रकाश गर्ग का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान बहुत कुछ नया सीखने मिला।

ये है जीरो तकनीक

– जीरो तकनीक में छोटा चीरा लगाकर ऑपरेशन किया जाता है।

– ऑपरेशन के दौरान रक्त कम बहता है।

– घुटने का इम्प्लांट्स सीमेंटेड होता है।

– ऑपरेशन करीब आधा घंटे में हो जाता है। जबकि सामान्य ऑपरेशन दो से तीन घंटा लगते हैं।

– मेडिकल अस्पताल में बीपीएल मरीजों के लिए निःशुल्क और सामान्य वर्ग के मरीजों के लिए 70 हजार रुपए फीस लगती है। जबकि निजी अस्पतालों में इस ऑपरेशन के लिए करीब दो से तीन लाख रुपए फीस ली जा रही है।

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