दमोह जिला अस्पताल में ही रहकर सेवा दे रहें है डॉक्टर्स

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    कहानी सच्ची है


    दमोह जिला अस्पताल में ही रहकर सेवा दे रहें है डॉक्टर्स


     


    भोपाल : शुक्रवार, अप्रैल 10, 2020, 17:21 IST

    दमोह जिले का स्वास्थ्य अमला कोरोना वायरस के मद्देनजर सजग और एलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी तन्मयता से काम को अंजाम दे रहे है। वहीं डॉक्टर्स और उनके साथी स्टाफ भी दिन-रात काम पर पूरे उत्साह के साथ जुटे है।

    इन्ही में से जिला महामारी नियंत्रण की जिम्मेवारी संभाल रही सिविल सर्जन डॉ ममता तिमोरी, नाक-कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल शुक्ला, शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ. राजेश नामदेव,और आर.एम.डी. डॉ दिवाकर पटेल बीते कई दिनों से अपने परिजनों से अलग रहकर सेवाएं दे रहे है, लगातार ड्यूटी के बाद जिला चिकित्सालय परिसर में ही अपना आश्रय बनाकर सेवाएं दे रहे इन चिकित्सकों को जनता का सेल्यूट।

    जिला चिकित्सालय दमोह की सिविल सर्जन डॉ ममता तिमोरी ने बताया कि सभी कोविड.19 बीमारी से चिंतित है, इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है, बस सावधानियां ही इसका उपचार है, मास्क लगाकर रखें, बार-बार हाथ धोये। उन्होंने कहा मेरा हेडक्वार्टर ने जिला चिकित्सालय केंपस के अंदर ही है, मुझसे प्रेरित होकर 3 अन्य डॉक्टर की टीम ने भी अपना हेड क्वार्टर जिला अस्पताल में ही बनाकर लोगों को 24 घंटे सेवा देने का फैसला किया है। टीम में डॉ दिवाकर पटेल, डॉ विशाल शुक्ला, डॉ राजेश नामदेव शामिल है।

    डॉ विशाल शुक्ला जिला अस्पताल में नाक कान, गला रोग विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ है। उन्होंने कहा जब से कोरोना संकट हमारे देश-प्रदेश में हुआ है, तभी से जिला अस्पताल में भी संक्रमण से बचाव के लिए तैयारियां चल रही हैं, हम डॉक्टर हैं और हम खुद रिस्क पर होते है, हम यह संक्रमण घर पर नहीं ले जाना चाहते हैं, इस कारण हमने जिला अस्पताल में ही व्यवस्था बनाई है, हम अस्पताल में ही 24 घंटे ड्यूटी करते रहते हैं, ताकि लोगों को त्वरित सेवा दे सकें।

    डॉ राजेश नामदेव शिशु रोग विशेषज्ञ दमोह की कोविड-19 टीम में एक सदस्य के रूप में कार्य कर रहे है, वे बताते है कि घर परिवार से दूर रहकर इसलिये काम कर रहे है ताकि घर के लोगों को इंफेक्शन का खतरा ना रहे। डॉ दिवाकर पटेल ने बताया कि कोरोना वायरस बीमारी ने सामान्य जन को संकट में डाल दिया है। उन्होने बताया कि इस संकट की घड़ी में हमें सिविल सर्जन डॉक्टर ममता तिवारी से प्रेरणा मिली है। वे एक महिला होकर भी 24 घंटे जिला अस्पताल में सेवाएं दे रही है।


    मुकेश मोदी

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