पागलपन का कारगर इलाज है गन्ने का जूस, कैंसर जैसी घातक बीमारियों से भी करता है बचाव

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    आजकल के दौर में जब बीमारियां बड़ी आसानी से लोगों को अपना शिकार बना लेती हैं तब ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्वों से युक्त पदार्थों के सेवन की जरूरत बढ़ जाती है। गन्ने का रस ऐसा ही एक पेय पदार्थ है जो न सिर्फ स्वाद में मीठा और अच्छा लगता है बल्कि इससे कई तरह बीमारियों से सुरक्षा भी मिलती है। गन्ने के रस में कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं। इसके अलावा गन्ने के रस का सेवन रक्त प्रवाह को भी दुरुस्त रखने का काम करता है। तो चलिए, गन्ने का रस हमारे स्वास्थ्य को और क्या-क्या फायदे पहुंचाता है, इस बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

    हिचकी में – अगर आप हिचकी से परेशान हैं तो गन्ने का रस आपकी इस समस्या से निजात दिला सकता है। गन्ने के रस में पानी मिलाकर पीने से हिचकी दूर हो जाती है। इसके अलावा 5-10 बूंद गन्ने का सिरका पानी में मिलाकर पीने से भी लाभ मिलता है।

    कैंसर के उपचार में – गन्ने के रस में कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन और मैग्नीशियम की काफी मात्रा पाई जाती है। यह कैंसर से बचाव में हमारी मदद करते हैं। गन्ने के रस का सेवन करने से प्रोस्टेट और ब्रीस्ट कैंसर से लड़ने में काफी मदद मिलती है।

    पाचन में – गन्ने में मौजूद पोटैशियम बोहतर पाचन क्रिया के लिए काफी लाभकारी होता है, इसलिए पाचन संबंधी किसी भी समस्या से निपटने के लिए गन्ने का जूस जरूर पीना चाहिए। पेट में संक्रमण और कब्ज की समस्या में भी गन्ने का रस काफी फायदेमंद है।

    मानसिक उन्माद या पागलपन में – पागलपन के मरीज के लिए भी गन्ने का रस काफी लाभदेह होता है। गन्ने के रस में 2-3 ग्राम कुटकी का चूर्ण मिला लें और फिर इसे दूध में मिलाकर रोजाना सुबह और शाम सेवन करने से मानसिक उन्माद यानी कि पागलपन की समस्या से निजात मिलती है।

    किडनी के लिए फायदेमंद – गन्ने के रस में प्रोटीन काफी मात्रा में पाया जाता है। अगर इसमें नींबू और नारियल पानी मिलाकर पिया जाए तो इससे किडनी में संक्रमण, यूरीन इंफेक्शन और पथरी जैसी समस्याओं से तुरंत राहत मिल सकती है।

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