पीआरपी ट्रीटमेंट से बालों की बढ़ी उम्र

    0
    202

    इंदौर, शिवम शर्मा। आज भागदौड़ भरी जीवनशैली और धूप, धूल, प्रदूषण, गलत खानपान की वजह से बालों के झड़ने की समस्या आम है। इसके साथ ही तनाव, बालों की अच्छे से देखभाल न करना, कई दवाओं का सेवन भी हेयर फॉल के कारण हो सकते हैं। इससे महिला-पुरुष दोनों ही प्रभावित हैं। वैसे तो बालों की इस समस्या की रोकथाम के लिए बाजार में काफी ऑप्शन मौजूद हैं, लेकिन पीआरपी ट्रीटमेंट इस समय कारगर और लोकप्रिय विकल्प के रूप में सामने आया है। इसे शहर के लोग काफी पसंद कर रहे हैं।

    क्या है ट्रीटमेंट

    पीआरपी को ‘प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा’ ट्रीटमेंट के नाम से जाना जाता है। इस तकनीक से झड़ते बालों और त्वचा से संबंधित समस्याओं काइलाज किया जाता है। इसमें मरीज के शरीर से 10 से 15 मिलीलीटर खून निकाला जाता है। फिर इसको प्लाज्मा में बदलकर इंजेक्शन की सहायता से त्वचा में जरूरत की जगह इंजेक्ट किया जाता है। प्लाज्मा में वृद्धिकारक तत्व अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं। इसे बालों की जड़ों में इंजेक्ट करने से जड़ों को जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं। इसके बाद पूरी क्षमता से बाल बढ़ने लगते हैं।

    क्या कहते हैं

    विशेषज्ञ हेयर एंड स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. शुकेन दशोरे का कहना है अब बालों को लेकर हर उम्र के लोग अवेयर हो गए हैं। पीआरपी ट्रीटमेंट लेने वाले में 20 से 40 वर्ष के लोगों की संख्या अधिक है। डॉ. भावेश स्वर्णकार के अनुसार हर व्यक्ति को बालों को प्रतिदिन शैम्पू से धोना चाहिए। कोशिश करें कि पार्लर में हेयर स्पा नहीं करवाए, क्योंकि इससे बालों के अंदर का पानी भाप बनकर निकल जाता है, जो नुकसानदायक होता है। ब्रेकफास्ट में दूध, फल, अंडे और प्रोटीनयुक्त हेल्दी डाइट लें। इसके अलावा प्याज खाने से भी बाल स्वस्थ रहते हैं।

    ऐसी है प्रक्रिया

    बालों की जड़ों में पोषक तत्व इंजेक्ट करने से पहले प्रभवित क्षेत्र को सुन्न् कर दिया जाता है। फिर माइक्रो निडिल की सहायता से सिर या उन क्षेत्रों में प्लाज्मा को इंजेक्ट किया जाता है, जहां उपचार किया जाना है। इस प्रक्रिया में 7 से 8 सीटिंग की जरूरत होती है।

    पीआरपी से ये हैं फायदे

    प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा ट्रीटमेंट से चेहरे पर आईं झाइयां, हल्की झुर्रियां, त्वचा में ढीलापन और त्वचा की समस्या कम हो जाती है। ये लोग ना लें ट्रीटमेंट डॉ. भावेश स्वर्णकार का कहना है कि अब तक किसी रोगी में इस ट्रीटमेंट के दुष्प्रभाव नहीं मिले हैं, लेकिन हर कोई इस थैरेपी के लिए उपयुक्त नहीं है। उन लोगों को पीआरपी ट्रीटमेंट नहीं लेना चाहिए, जिनका खून पहले से पतला है। साथ ही वह पहले से किसी गंभीर बीमारी है से ग्रस्त हो।naidunia

    Share and Enjoy !

    0Shares
    0 0