बालाघाट के सुदूर अंचल के ग्राम लाँजी के कृषकों ने नये कृषि कानून अंतर्गत फसल का मूल्य दिलाने दिया आवेदन

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    बालाघाट के सुदूर अंचल के ग्राम लाँजी के कृषकों ने नये कृषि कानून अंतर्गत फसल का मूल्य दिलाने दिया आवेदन


    मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान
    नये कृषि कानून के तहत दर्ज होगा प्रकरण
    सुलह बोर्ड का होगा गठन
     


    भोपाल : रविवार, दिसम्बर 13, 2020, 20:21 IST

    बालाघाट जिले के लांजी के कृषकों से ग्राम घोटी स्थित पलक राईस मिल द्वारा धान की फसल क्रय कर अभी तक क्रय राशि का भुगतान नहीं करने पर किसानों ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी लाँजी को शिकायत की और कृषकों ने कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन और सरलीकरण अधिनियम 2020 के तहत कार्रवाई करने का आवेदन किया। एस.डी.एम. द्वारा इस अधिनियम की धारा 8 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इस प्रकरण में संज्ञान लिया गया और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    कलेक्टर बालाघाट ने बताया कि अभी तक किसानों – धनराज, भारत बाहे, कृष्ण पांचे, कोमेश्वर बाहे, जितेन्द्र दांदरे, लवकुश यादव और युवराज दांदरे को पलक राईस मील के प्रोपराइटर अतुल आसटकर द्वारा क्रय की गई धान के मूल्य का भुगतान नहीं किया गया। जबकि इन्होंने शीघ्र भुगतान का आश्वासन दिया था। कृषकों ने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत की थी। शिकायत का समाचार भी समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ था। इन्हीं समाचारों पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लिया गया।

    किसानों को न्याय दिलाने के लिये नये कृषि कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम 2020 की धारा 8 के तहत सुलह बोर्ड का गठन किया जा रहा है। जिसमें तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी कृषि, कृषक और राईस मिल के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सुलह बोर्ड के माध्यम से मामले का निराकरण किया जायेगा।

    भारत सरकार के नये कृषि कानूनों के तहत अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिये कृषक जागरूक होते जा रहे हैं। बालाघाट जिले के सुदूर लाँजी में कृषकों में यह जागरूकता महत्वपूर्ण है। हाल ही में होशंगाबाद जिले के किसानों को भी इस नये अधिनियम के तहत न्याय मिला है।


    अतुल खरे

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