मध्यप्रदेश की बाघिन ओड़िसा से वापस लाई जायेगी

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    मध्यप्रदेश की बाघिन ओड़िसा से वापस लाई जायेगी


    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने तब तक देख-रेख के लिये ओड़िसा के मुख्यमंत्री से किया आग्रह 


    भोपाल : बुधवार, दिसम्बर 9, 2020, 22:14 IST

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश की बाघिन सुंदरी को वापस प्रदेश लाने के तारतम्य में ओड़िसा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक से अनुरोध किया है कि जब तक बाघिन कान्हा टाइगर रिजर्व के घोरेला केन्द्र में वापस नहीं लाई जाती, तब तक सुंदरी बाघिन की पर्याप्त देखभाल और उसे अनुकूल वातावरण प्रदान किये जाने के संबंध में संबंधितों को निर्देश दें।

    उल्लेखनीय है कि देश में बाघ संरक्षण कार्यक्रम को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से ओड़िसा राज्य के सतकोसिया टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राज्यों की सीमाओं से परे जाकर सोचते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एवं ओड़िसा सरकार के अनुरोध पर वर्ष 2018 में एक बाघ युगल प्रदान किया गया था।

    दुर्भाग्यवश सतकोसिया टाइगर रिजर्व ओड़िसा में नर बाघ की मृत्यु हो गई और मादा बाघिन सुंदरी द्वारा जन-हानि किये जाने के चलते बनी परिस्थितियों के फलस्वरूप सुंदरी को नवम्बर-2018 से बाड़े में रख दिया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समाचार-पत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि सतकोसिया टाइगर रिजर्व में सुंदरी बाघिन का रख-रखाव वन्य-जीव अधिनियम के मानकों के अनुरूप नहीं है। इसके कारण वह नैसर्गिक व्यवहार प्रदर्शित नहीं कर पा रही है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने पत्र में कहा है कि ओड़िसा सरकार के अनुरोध पर मध्यप्रदेश से विशेषज्ञ दल भेजकर बाघिन को पुन: राज्य में लाकर मुक्त किये जाने की संभावनाओं पर विचार किया गया था, किन्तु विशेषज्ञ दल ने पाया कि लम्बी अवधि तक बाड़े में रहने और निरंतर मानव की उपस्थिति की आदी होने के फलस्वरूप खुले वन क्षेत्र में मुक्त करने पर बाघिन और नागरिकों दोनों की सुरक्षा को खतरा होना संभावित है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मध्यप्रदेश में कान्हा, बाँधवगढ़ और पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ सफारी के निर्माण के लिये राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा सैद्धांतिक अनुमति प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में घोरेला केन्द्र में प्रशिक्षणरत एक अनाथ बाघ शावक को उपयुक्त वन क्षेत्र में मुक्त करने के बाद बाघिन सुंदरी को इस केन्द्र में रखा जायेगा और टाइगर सफारी बनने के उपरांत विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार आगामी निर्णय लिया जायेगा।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ओड़िसा के मुख्यमंत्री श्री पटनायक से अनुरोध किया है कि मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व के घोरेला केन्द्र में सुंदरी बाघिन को वापस रखने की परिस्थितियाँ निर्मित होने तक उसकी पर्याप्त देखभाल एवं अनुकूल वातावरण प्रदान किये जाने के बारे में संबंधितों को निर्देश देना उचित होगा।


    नीरज शर्मा

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