20 अरब डॉलर का होगा सौंदर्य प्रसाधन बाजार

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नई दिल्ली। व्यक्तित्व और रूप को लेकर लोगों में बढ़ती सजगता के कारण सौंदर्य प्रसाधनों का घरेलू बाजार मौजूदा 6.5 अरब डॉलर से तीन गुणा होकर वर्ष 2025 तक 20 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा। उद्योग संगठन एसोचैम ने एक अध्ययन रिपोर्ट में यह बात कही है। इसमें कहा गया है कि मध्यम वर्ग के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे की उपलब्धता का इसमें बड़ा योजदान होगा। उसने कहा, इस उद्योग की वृद्धि मुख्यत: लोगों की बढ़ती क्रय शक्ति तथा समाज के निम्न तबके की बढ़ती महत्वाकांक्षा पर निर्भर रही है। इसके साथ ही उद्योग भी ऐसे उत्पाद लेकर आ रहे हैं और उसे इतनी आकर्षक कीमत पर पेश कर रहे हैं जो ग्राहकों के अनुकूल है। एसोचैम ने कहा कि शहरों के साथ सड़क संपर्क, दूरसंचार का विस्तार तथा गांवों एवं छोटे शहरों में कंपनियों के प्रवेश से अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है। वर्ष 2005 से 2015 के बीच किशोरों में सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल बढ़ा है। यह बढ़ती जागरुकता तथा अच्छा दिखने की चाहत के कारण हुआ है। वास्तव में किशोर आयु वर्ग ही बॉडी स्प्रे तथा अन्य सौंदर्य प्रसाधनों का सबसे तेजी से बढ़ता ग्राहक समूह है। किशोरों तथा युवाओं में 68 प्रतिशत से अधिक आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इन उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। शहरों में 62 फीसदी से अधिक युवा तो इन उत्पादों की आॅनलाइन खरीददारी पसंद करते हैं जबकि 45 प्रतिशत ग्राहक कॉस्मेटिक एवं कपड़े किसी एक नियमित दुकान की बजाय अपनी सुविधा अनुसार किसी भी दुकान से खरीदते हैं। वे गुणवत्तापूर्ण पैसा वसूल उत्पाद चाहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि हर्बल कॉस्मेटिक उद्योग भी देश में सौंदर्य कारोबार के विकास में भरपूर योगदान दे रहा है। इसके 12 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। देश में कई हर्बल ब्रांड उपलब्ध हैं। इसमें कहा गया है कि फैशन और फिल्म उद्योग का भी सौंदर्य प्रसाधनों के बढ़ते कारोबार में योगदान है। इससे लोगों में अच्छे रूप और व्यक्तित्व के प्रति सजगता बढ़ी है। विकास दर के मामले में पुरुषों के सौंदर्य प्रसाधनों का बाजार ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। कार्यक्षेत्र में अपने सहयोगियों से आगे बढ़ने की चाहत में वे अपने रंगरूप पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। विभिन्न सौंदर्य प्रसाधनों का प्रचार करने वाले हिंदी फिल्मों के नायक तथा क्रिकेट खिलाड़ी उनके रोल मॉडल की भूमिका निभा रहे हैं। पिछले पाँच साल में पुरुषों के सौंदर्य प्रसाधनों का बाजार 42 प्रतिशत बढ़ चुका है। यह इस उद्योग के ओवरआॅल विकास दर से काफी अधिक है।

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