CG के इस जिले में 7 प्रतिशत आबादी डायबिटीज से ग्रसित

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    CG के इस जिले में 7 प्रतिशत आबादी डायबिटीज से ग्रसित

    बिलासपुर। बिलासपुर जिले की सात प्रतिशत आबादी डायबिटीज से ग्रसित है। अब यह बीमारी आदिवासी अंचल में भी तेजी से फैल रही है। इसके बढ़ने की रफ्तार यही रही तो दस साल में मरीजों की संख्या दुगुनी हो जाएगी। वर्तमान में जिले की जनसंख्या करीब साढ़े 22 लाख है। इसमें से एक लाख 45 हजार डायबिटीज से ग्रसित हैं। इतने ही लोग प्री डायबिटीक श्रेणी में हैं। यदि ये लोग समय रहते बचाव के जरूरी उपाय नहीं करते तो उन्हें भी मधुमेह हो जाएगा। अब यह बीमारी अछूते क्षेत्रों को भी फैल रही है।

    CG के इस जिले में 7 प्रतिशत आबादी डायबिटीज से ग्रसित

    यहां तक की सुदूर वनांचल क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। जबकि इनकी दिनचार्य व खानपान प्रकृति के अनुकूल है। इस संबंध में वरिष्ठ मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कालवीट ने बताया कि आदिवासियों को मधुमेह होना गंभीर बात है। इससे साफ है कि मधुमेह का दायरा बढ़ता जा रहा है। इससे बचने के लिए लोगों को मधुमेह के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। अन्यथा आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम झेलना पड़ेगा।

    रिसर्च की आवश्यकता

    आदिवासी क्षेत्र के मधुमेह पीड़ितों पर रिसर्च करना जरूरी हो गया है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि आदिवासी किस वजह से इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टर रिसर्च के लिए मधुमेह राज्य आयोग गठन को भी जरूरी बता रहे हैं।

    दो प्रकार का होता है डायबिटीज

    डायबिटीज के दो प्रकार टाइप वन और टाइप टू हैं। टाइप वन में धीरे-धीरे शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम होने लगती है। बाद में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है। इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जबकि टाइप टू से प्रभावित व्यक्ति के ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। इसे नियंत्रित करना मुश्किल होता है।

    source : naidunia

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